उत्तराखंड

जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” से सुशासन को मिल रही नई मजबूती: 312 कैम्पों में 2.36 लाख से अधिक पंजीकरण

12 जनवरी 2026 की प्रगति रिपोर्ट में सामने आए आंकड़े, 17,605 शिकायतों का त्वरित निस्तारण

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेशभर में जनसेवा को प्रभावी, पारदर्शी और सुलभ बनाने की दिशा में लगातार प्रगति दर्ज की जा रही है। कार्यक्रम की 12 जनवरी 2026 की दैनिक प्रगति रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करती है कि सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर कार्य कर रही है।

प्रदेश के सभी 13 जनपदों में अब तक कुल 312 कैम्प आयोजित किए जा चुके हैं। इन कैम्पों के माध्यम से 2,36,478 नागरिकों का पंजीकरण किया गया है। जनसमस्याओं के समाधान की दिशा में 25,877 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 17,605 शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण किया जा चुका है। यह आंकड़े प्रशासनिक संवेदनशीलता और कार्यकुशलता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

सरकारी सेवाएं सीधे जनता तक पहुंचीं

सरकारी सेवाओं को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाने के उद्देश्य से इन कैम्पों में विभिन्न विभागों द्वारा 35,560 प्रमाण पत्र निर्गत किए गए हैं। इसके साथ ही 1,31,212 नागरिकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया है, जिससे समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हो रहा है।

सुशासन का प्रभावी मॉडल बन रहा कार्यक्रम

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ सीधे जनता तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” कार्यक्रम उत्तराखण्ड में सुशासन का एक सशक्त और प्रभावी मॉडल बनकर उभर रहा है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का समाधान, पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आगे भी इस कार्यक्रम को और अधिक सुदृढ़ करते हुए प्रत्येक नागरिक तक शासन की पहुंच सुनिश्चित करेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button