कोटाबाग में ‘घोड़ा लाइब्रेरी पहाड़ पच्छयाण महोत्सव’ में पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, ₹114 करोड़ की 12 विकास योजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास
लोकसंस्कृति और शिक्षा को समर्पित महोत्सव में मुख्यमंत्री ने 12 विकास कार्यों का किया लोकार्पण व शिलान्यास, घोड़ा लाइब्रेरी के प्रयासों की सराहना

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जनपद की कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के कोटाबाग में आयोजित दो दिवसीय ‘घोड़ा लाइब्रेरी पहाड़ पच्छयाण महोत्सव’ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास हेतु ₹114 करोड़ से अधिक की लागत से 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसंस्कृति, पुस्तकों और प्रकृति को जोड़ने का घोड़ा लाइब्रेरी का प्रयास अत्यंत सराहनीय है। यह पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों में पुस्तक संस्कृति विकसित करने और शिक्षा को अंतिम छोर तक पहुँचाने का एक अनूठा उपक्रम है, जिसकी सराहना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में की है।
उन्होंने घोड़ा लाइब्रेरी की युवा टीम एवं इसके प्रेरक शुभम बधानी को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल केवल पुस्तकों के वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पुस्तकों को केवल परीक्षा तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं, क्योंकि पुस्तकें हमारी सच्ची मित्र और मार्गदर्शक होती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। शहरों से लेकर दूरस्थ गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पेयजल सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के पुनरोद्धार का कार्य तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में कोटाबाग के तोक भटकानी स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य भी पूर्ण किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए नई शिक्षा नीति लागू की गई है। सभी सरकारी विद्यालयों में NCERT की पाठ्यपुस्तकें लागू की गई हैं तथा कक्षा 1 से 12 तक निःशुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रदेश में 226 विद्यालयों को ‘पीएम श्री विद्यालय’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जबकि 500 विद्यालयों में वर्चुअल कक्षाएं संचालित हैं। व्यावसायिक शिक्षा से अब तक 42 हजार विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं। विद्यार्थियों को नकलमुक्त वातावरण देने के लिए राज्य में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। UPSC, NDA, CDS जैसी परीक्षाएं उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी के लिए ₹50,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। साथ ही गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी जैसी स्थानीय भाषाओं के संरक्षण के लिए भी राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा महिला समूहों और किसानों से संवाद किया। उन्होंने कोटाबाग के आंवलाकोट स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना भी की।
कार्यक्रम में सांसद श्री अजय भट्ट, विधायक श्री बंशीधर भगत, श्रीमती सरिता आर्या, श्री दीवान सिंह बिष्ट, श्री मोहन सिंह बिष्ट, हल्द्वानी नगर निगम के मेयर श्री गजराज बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री प्रताप बिष्ट, जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।



