नई दिल्ली: न्यू इंडिया के साथ मॉडर्न टेक्नोलॉजी को अपनाने वाला भारत अब मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में भी वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। कोरोना काल के बाद भारत के चिकित्सा क्षेत्र में आई क्रांति ने इसे अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा हब के रूप में उभरने का मौका दिया है। यही कारण है कि अब अधिक से अधिक विदेशी नागरिक भारत में इलाज करवाने के लिए आ रहे हैं।
केंद्रीय बजट 2025 में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 1 फरवरी, 2025 को आठवां केंद्रीय बजट पेश करते हुए मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्राइवेट सेक्टर के साथ साझेदारी में सरकार चिकित्सा पर्यटन को बढ़ाने की दिशा में काम करेगी।
उन्होंने बताया कि,
“मेडिकल टूरिज्म से न केवल विदेशी मरीजों को उच्च गुणवत्ता और कम लागत में बेहतर इलाज मिलेगा, बल्कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा। इससे विदेशी मुद्रा आएगी और स्वास्थ्य सेवाओं और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में रोजगार के नए अवसर बनेंगे।”
भारत में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा क्यों?
✅ स्वास्थ्य सेवा का विस्तार: नए अस्पतालों और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं में निवेश बढ़ेगा।
✅ आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा का बढ़ावा: भारत की योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को वैश्विक पहचान मिलेगी।
✅ अंतरराष्ट्रीय संबंध मजबूत होंगे: मेडिकल टूरिज्म से राजनयिक संबंधों में सुधार होगा और भारत की चिकित्सा प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
✅ रोगियों को लाभ: अंतरराष्ट्रीय मरीजों को तेज़ इलाज, सस्ती कीमतों पर उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं मिलेंगी।
विदेशी मरीजों के लिए Heal in India पोर्टल लॉन्च
सरकार ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत मेडिकल टूरिज्म पोर्टल “Heal in India” लॉन्च किया है। यह अंतरराष्ट्रीय मरीजों को भारतीय चिकित्सा सुविधाओं और उपचार विकल्पों की जानकारी देने में मदद करेगा।
👉 Heal in India पोर्टल का आधिकारिक लिंक:
🔗 healinindia.gov.in
इस पोर्टल के माध्यम से मरीज:
भारत की शीर्ष अस्पतालों और चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इलाज की लागत और प्रक्रियाओं को समझ सकते हैं।
अपनी यात्रा और इलाज को पहले से प्लान कर सकते हैं।
167 देशों तक ई-मेडिकल वीजा सुविधा का विस्तार
भारत सरकार ने ई-मेडिकल वीज़ा और ई-मेडिकल असिस्टेंट वीजा सुविधा को 167 देशों तक विस्तारित कर दिया है। इससे उन विदेशी नागरिकों को राहत मिलेगी, जो आपातकालीन या नियोजित चिकित्सा उपचार के लिए भारत आना चाहते हैं।
क्या फायदे होंगे?
तेज़ वीज़ा प्रोसेसिंग – अंतरराष्ट्रीय मरीजों को जल्द वीज़ा मिलेगा।
आसान प्रवेश – भारत आने में कोई अतिरिक्त औपचारिकताएं नहीं होंगी।
विशेष चिकित्सा सहायता – मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए समर्पित सेवाएं मिलेंगी।
भारत बन सकता है “ग्लोबल हेल्थ हब”
भारत का चिकित्सा पर्यटन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में यह दुनिया के टॉप हेल्थ डेस्टिनेशन्स में शामिल हो सकता है। सरकार द्वारा उठाए गए कदम, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, कम लागत और आयुर्वेद जैसी पारंपरिक चिकित्सा का मिश्रण भारत को मेडिकल टूरिज्म का ग्लोबल लीडर बना सकते हैं।
अब भारत सिर्फ “Incredible India” नहीं, बल्कि “Healing India” भी बन रहा है!



