परीक्षा चुनौती नहीं, परिपक्व होने का एक पड़ाव : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री ने बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे विद्यार्थियों से संवाद कर दिया आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का संदेश

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि परीक्षा कोई चुनौती नहीं, बल्कि जीवन में परिपक्व होने का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे परीक्षा को बोझ या भय के रूप में नहीं, बल्कि अपने ज्ञान, आत्मविश्वास और तैयारी को परखने के अवसर के रूप में देखें।
मुख्यमंत्री श्री धामी बोर्ड परीक्षाओं में सम्मिलित होने जा रहे विद्यार्थियों से संवाद कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि परीक्षा जीवन का केवल एक हिस्सा है, सम्पूर्ण जीवन नहीं। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे सकारात्मक सोच के साथ आत्मविश्वास बनाए रखें और तनाव मुक्त होकर परीक्षा दें।
उन्होंने कहा कि असफलता भी जीवन में सीख देती है, इसलिए परिणाम चाहे जो भी हो, हिम्मत और मेहनत कभी नहीं छोड़नी चाहिए। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी सलाह दी।
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों और शिक्षकों से भी अपील की कि वे विद्यार्थियों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उनका मनोबल बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक और अभिभावक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के प्रेरणादायी संबोधन से विद्यार्थियों में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ।


