‘हर बच्चा खास होता है, अपनी प्रतिभा पहचानें’ : मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन
‘शिक्षा की बात’ कार्यक्रम में छात्रों से संवाद, तकनीक पर नियंत्रण और रचनात्मक सोच पर दिया जोर

देहरादून।
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने आज ननूरखेड़ा स्थित राजीव गांधी नवोदय विद्यालय पहुंचकर ‘शिक्षा की बात’ कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि हर बच्चा खास होता है और प्रत्येक में कोई न कोई विशेष प्रतिभा अवश्य होती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने की आवश्यकता है और शिक्षकों व अभिभावकों को भी बच्चों की रुचि और क्षमता को समझते हुए उसे आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।
मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि ‘शिक्षा की बात’ कार्यक्रम का विस्तार करते हुए इसमें उद्योगपतियों, वैज्ञानिकों, प्रोफेसरों एवं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे व्यक्तियों को भी जोड़ा जाए, ताकि विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष मार्गदर्शन और प्रेरणा मिल सके। उन्होंने इस कार्यक्रम को अन्य सभी विद्यालयों में भी लागू करने पर जोर देते हुए कहा कि इसकी शुरुआत क्लस्टर विद्यालयों से की जाए।
बच्चों से संवाद के दौरान उन्होंने कहा कि आज का युग मोबाइल और तकनीक का है, लेकिन तकनीक पर हमारा नियंत्रण होना चाहिए, न कि तकनीक हमें नियंत्रित करे। उन्होंने कहा कि किताबें, खेल और रचनात्मक सोच विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं और इन सभी पर समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव ने प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए साइंस प्रोजेक्ट्स का अवलोकन भी किया और छात्रों से सीधा संवाद किया। उन्होंने प्रोजेक्ट्स की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए बच्चों को देहरादून भ्रमण कराया जाना चाहिए तथा उन्हें कौशल विकास विभाग के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भी भ्रमण कराया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रमों का नियमित आयोजन आवश्यक है, जिससे बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव और नई जानकारियां प्राप्त हो सकें।
इस अवसर पर सचिव श्री रविनाथ रामन, निदेशक माध्यमिक शिक्षा श्री मुकुल सती सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



