उत्तराखंड

ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की ऐतिहासिक पहल: VB-G RAM G अधिनियम केवल मनरेगा का नाम परिवर्तन नहीं – मुख्यमंत्री धामी

125 दिन का रोजगार, तकनीक आधारित पारदर्शिता और 90% केंद्रीय सहयोग से गांवों को मिलेगा नया बल

देहरादून | INDIA7LIVE

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मीडिया सेंटर, सचिवालय में मीडिया से वार्ता करते हुए विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAM G अधिनियम) को ग्रामीण भारत के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम केवल मनरेगा का नाम बदलना नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार नीति की संरचनात्मक पुनर्रचना है, जिससे गांव, किसान, श्रमिक और महिलाएं सशक्त होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अधिनियम किसानों को सुरक्षा, श्रमिकों को रोजगार, महिलाओं को सम्मान, गांवों के समग्र विकास और विकसित गांवों के माध्यम से विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार करेगा।


अब 125 दिन का रोजगार, तय समय पर भुगतान

मुख्यमंत्री ने बताया कि VB-G RAM G अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 के बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा, जो पहले से 25 प्रतिशत अधिक है।
यदि 15 दिन के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो बेरोजगारी भत्ता अनिवार्य रूप से दिया जाएगा और इसके लिए संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी।
इस योजना के अंतर्गत साप्ताहिक भुगतान का प्रावधान किया गया है तथा भुगतान में देरी होने पर मुआवजा भी दिया जाएगा।


तकनीक आधारित पारदर्शिता, भ्रष्टाचार पर रोक

मुख्यमंत्री ने कहा कि VB-G RAM G को भ्रष्टाचार-मुक्त रोजगार गारंटी योजना बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों को शामिल किया गया है।
इसके तहत:

  • बायोमेट्रिक हाजिरी

  • जियो-टैगिंग व GIS मैपिंग

  • मोबाइल ऐप व सार्वजनिक डैशबोर्ड

  • AI आधारित फ्रॉड डिटेक्शन

  • वर्ष में दो बार अनिवार्य सोशल ऑडिट

जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।


किसानों के हित सुरक्षित

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि खेती के बुवाई और कटाई के मौसम में अधिकतम 60 दिन तक योजना के कार्य रोके जा सकेंगे, ताकि किसानों को मजदूरों की कमी न हो और खेती की लागत न बढ़े। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था संतुलित बनी रहेगी।


ग्राम सभा और ग्राम पंचायत को असली ताकत

VB-G RAM G अधिनियम के तहत ग्राम सभा और ग्राम पंचायतों को निर्णायक भूमिका दी गई है।
कम से कम 50 प्रतिशत कार्य सीधे ग्राम पंचायत स्तर पर कराए जाएंगे।
कार्य चयन, जॉब कार्ड, पंजीकरण और योजना निर्माण जैसे निर्णय स्थानीय स्तर पर ग्राम सभा द्वारा लिए जाएंगे।


गुणवत्ता व उपयोगी परिसंपत्तियों पर जोर

इस योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका परिसंपत्तियां और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्य किए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:

  • तालाब, चेकडैम, स्टॉपडैम

  • सड़क, नाली, ड्रेनेज

  • स्कूल, अस्पताल

  • SHG शेड, स्किल सेंटर, ग्रामीण हाट

  • रिटेनिंग वॉल, पिचिंग आदि

इससे रोजगार भी मिलेगा और गांव भी मजबूत होंगे।


महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए स्किल सेंटर, शेड निर्माण और ग्रामीण हाट विकसित किए जाएंगे, जिससे महिलाओं को गांव में ही रोजगार मिलेगा और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।


प्रशासनिक ढांचे को मजबूती

VB-G RAM G के अंतर्गत ग्राम रोजगार सहायक, फील्ड असिस्टेंट और तकनीकी सहायकों के प्रशिक्षण, मानदेय और निगरानी के लिए प्रशासनिक खर्च 6% से बढ़ाकर 9% किया गया है, जिससे कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी बेहतर होगी।


उत्तराखण्ड को मिलेगा 90% केंद्र सहयोग

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अधिनियम के तहत:

  • सामान्य राज्यों के लिए 60:40

  • हिमालयी व पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 90:10

का वित्तीय अनुपात तय किया गया है।
उत्तराखण्ड को केंद्र सरकार से 90 प्रतिशत वित्तीय सहयोग मिलेगा, जिससे राज्य पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और ग्रामीण विकास तेज़ होगा।


₹17,000 करोड़ का शुद्ध लाभ

मुख्यमंत्री ने SBI के विश्लेषण का हवाला देते हुए कहा कि इस अधिनियम से राज्यों को करीब ₹17,000 करोड़ का शुद्ध लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब-विरोधी नहीं बल्कि गरीबी के मूल कारणों पर प्रहार करती है।


इस अवसर पर रहे मौजूद

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट और विधायक श्री दलीप रावत भी उपस्थित रहे।

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